कम्प्यूटर प्रयोगशाला (आईसीटी)
हाई-स्पीड इंटरनेट के साथ नवीनतम कम्प्यूटर सिस्टम। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का गहन प्रशिक्षण, ताकि प्रशिक्षु अपनी कक्षाओं को अधिक आकर्षक और प्रभावी बना सकें।
विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान का एक प्रकल्प — लोक शिक्षा समिति, बिहार द्वारा संचालित। NCTE-ERC, भुवनेश्वर से मान्यता प्राप्त; बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर एवं बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना से सम्बद्ध।

प्रिय प्रशिक्षुओं,
भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के इस नवीन शैक्षणिक सत्र में आप सभी का हार्दिक अभिनंदन है। शिक्षक समाज का दर्पण होता है और एक आदर्श समाज के निर्माण की आधारशिला एक कुशल शिक्षक ही रखता है। हमारा महाविद्यालय इसी उत्तरदायित्व को समझते हुए छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।“हम कल के प्रभावी और आदर्श शिक्षकों का निर्माण करते हैं।”हमारा प्रयास है कि हम आपको एक ऐसा वातावरण प्रदान करें, जहां शैक्षणिक उत्कृष्टता और व्यावहारिक ज्ञान का समावेश हो। शिक्षण केवल एक पेशा नहीं, बल्कि राष्ट्र के भविष्य को संवारने की एक पवित्र जिम्मेदारी है। कॉलेज परिसर सुरक्षित वातावरण, अत्याधुनिक स्मार्ट क्लासरूम, सुसज्जित विज्ञान एवं कम्प्यूटर प्रयोगशालाएँ और एक विस्तृत पुस्तकालय से सुसज्जित है।
मेरा मानना है कि बिना अनुशासन के शिक्षा अधूरी है। हमारे महाविद्यालय में समयबद्धता, नियमितता और उच्च नैतिक मूल्यों के पालन पर विशेष बल दिया जाता है। मुझे विश्वास है कि यहाँ का शैक्षणिक अनुभव आपके जीवन में एक मील का पत्थर साबित होगा। मैं आप सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।
शुभकामनाओं सहित,डॉ. राकेश कुमार पालप्राचार्य, भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय
प्रवेश लेने वाले सभी प्रशिक्षुओं के लिए अनिवार्य।
“उत्कृष्ट शिक्षक, उज्ज्वल भविष्य”
भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, सदातपुर, मुजफ्फरपुर, बिहार के एक प्रमुख बी.एड./डी.एल.एड. कॉलेजों में से एक है। इसकी स्थापना 2011 में हुई थी और यह पूरी तरह से लोक शिक्षा समिति, मुजफ्फरपुर, बिहार — विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान द्वारा संचालित और प्रबंधित है। यह महाविद्यालय बाबा साहेब भीमराव अम्बेदकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना से स्थायी रूप से संबद्ध है। राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा मान्यता प्राप्त और यूजीसी अधिनियम 1956, नई दिल्ली, दिनांक 07/03/2025 की धारा 2 (f) के तहत मान्यता प्राप्त है।
मुजफ्फरपुर जिसे “लीची का शहर” कहा जाता है, उत्तर बिहार का एक प्रमुख वाणिज्यिक और शैक्षणिक केन्द्र है। यह शहर बूढ़ी गंडक नदी के किनारे बसा है और अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पहचान के लिए जाना जाता है।
महाविद्यालय 4000 वर्गमीटर के विशाल भवन में स्थित है। इसमें 25 विशाल कक्षाएँ, आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित बहुउद्देशीय सभागार एवं सेमिनार हॉल, विशाल पुस्तकालय सह-वाचनालय और डिजिटल संसाधन केन्द्र मौजूद हैं। गणित, विज्ञान, मनोविज्ञान, सामाजिक विज्ञान, संगीत, शारीरिक संसाधन केंद्र, कला और शिल्प एवं ICT से संबंधित 8 विशाल प्रयोगशालाएँ हैं।
राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) युवाओं को समाज सेवा, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। NSS का उद्देश्य विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का विकास करते हुए उन्हें समाज की समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनाना है। NSS स्वयंसेवक स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता, साक्षरता अभियान तथा आपदा सहायता जैसे सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाते हैं।
Moto: Not me, but you (स्वयं से पहले आप)
हमारा महाविद्यालय एक अत्याधुनिक और समृद्ध पुस्तकालय से सुसज्जित है, जो प्रशिक्षुओं की बौद्धिक प्रगति का केंद्र है। यहाँ शिक्षाशास्त्र, मनोविज्ञान और विभिन्न विषयों की हजारों पुस्तकों के साथ-साथ ई अधिगम संसाधनों की भी व्यापक उपलब्धता है। बी.एड./डी.एल.एड. पाठ्यक्रम से संबंधित पुस्तकें, सामान्य ज्ञान की पुस्तकें, सन्दर्भ पुस्तकें, विद्या भारती एवं संघ साहित्य और प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें भी मौजूद हैं। प्रशिक्षुओं और शैक्षणिक कर्मचारियों के लिए एक विशाल और पूर्णतः शांत वाचनालय की व्यवस्था भी है।
प्रत्येक प्रयोगशाला प्रशिक्षु शिक्षकों में अलग-अलग शिक्षण कौशल विकसित करने के लिए सुसज्जित है।
हाई-स्पीड इंटरनेट के साथ नवीनतम कम्प्यूटर सिस्टम। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का गहन प्रशिक्षण, ताकि प्रशिक्षु अपनी कक्षाओं को अधिक आकर्षक और प्रभावी बना सकें।
पेंटिंग, क्ले मॉडलिंग, ओरिगामी (कागज का मॉडल) और हस्तशिल्प के माध्यम से प्रशिक्षुओं में धैर्य, सूक्ष्म अवलोकन और नवाचार की भावना का विकास; साथ ही कला को शिक्षण में उपयोग करना सिखाया जाता है।
छात्रों के व्यवहार, बुद्धि, व्यक्तित्व और अभिरुचि को मापने के लिए कई मानकीकृत परीक्षण और उपकरण। प्रशिक्षुओं को छात्रों की समस्याओं को हल करने और उचित मार्गदर्शन देने के लिए तैयार करती है।
माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के पाठ्यक्रम के अनुरूप सभी आवश्यक उपकरण और रसायन। उद्देश्य: रटने की प्रवृत्ति खत्म कर छात्रों में "क्यों" और "कैसे" पूछने की जिज्ञासा पैदा करना।
ग्राफ बोर्ड, रोलर बोर्ड, ज्यामिति उपकरण बॉक्स, ज्यामितीय ठोसों के मॉडल, गणितीय किट आदि। "कर के सीखने" के सिद्धांत पर चार्ट, मॉडल, फ्लैशकार्ड और कम लागत वाली शिक्षण सहायक सामग्री बनाना।
मानचित्र, ग्लोब, मौसम विज्ञान उपकरण, सर्वेक्षण एवं मापन उपकरण, वर्किंग मॉडल और डिजिटल शिक्षण संसाधन; प्रभावी TLM विकसित करने हेतु सुव्यवस्थित मंच।
इनडोर (कैरम, शतरंज) और आउटडोर (बैडमिंटन, वॉलीबॉल) खेल गतिविधियाँ; टीम भावना बढ़ाने वाला वातावरण और समावेशी शिक्षा की तैयारी।
व्याकरण, उच्चारण और शब्दावली का व्यावहारिक प्रयोग। प्रशिक्षु अपनी आवाज़ रिकॉर्ड कर सुन सकते हैं और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में कमियाँ दूर कर सकते हैं।
हारमोनियम, तबला, ढोलक, गिटार, झाल, मजीरा, सहनाई, बांसुरी आदि से सुसज्जित। संगीत को शिक्षण उपकरण (Teaching Tool) के रूप में उपयोग करना, एक्शन सॉन्ग और काव्यात्मक ढंग से पढ़ाना सिखाया जाता है।
“शिक्षण केवल किताबों तक सीमित नहीं है।” हमारे महाविद्यालय में पाठ्यचर्या और पाठ्य सहगामी गतिविधियों के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाया जाता है। महाविद्यालय प्रशिक्षुओं को मेहंदी, रंगोली, महापुरुषों की जयंतियाँ, एनसीटीई द्वारा निर्धारित कार्यक्रम, सड़क सुरक्षा जागरूकता, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य जागरूकता आदि गतिविधियों तथा वाद-विवाद, भाषण, निबंध, कविता लेखन आदि प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करता है। हमारा मानना है कि एक कुशल शिक्षक वही है जो कक्षा के साथ-साथ जीवन के हर क्षेत्र में नेतृत्व कर सके।
| क्र. | नाम | पद |
|---|---|---|
| 01 | डॉ. राकेश कुमार पाल | प्राचार्य |
| 02 | डॉ. सतीश चन्द्र | विभागाध्यक्ष डी.एल.एड. (इतिहास) |
| 03 | डॉ. मिन्नी कुमारी | सह प्राध्यापिका (इतिहास) |
| 04 | डॉ. सौरभ कुमार | सह प्राध्यापक (नाट्य एवं कला) |
| 05 | डॉ. अनामिका रानी | सह प्राध्यापिका (हिन्दी) |
| 06 | श्री सरोज कुमार | सह प्राध्यापक (अर्थशास्त्र) |
| 07 | डॉ. हितेन्द्र कुमार | सह प्राध्यापक (हिन्दी) |
| 08 | श्री संजय कुमार गुप्त | सह प्राध्यापक (अंग्रेजी) |
| 09 | श्री शैलेन्द्र मिश्र | सह प्राध्यापक (जीव विज्ञान) |
| 10 | श्री मनोज कुमार | सह प्राध्यापक (कला) |
| 11 | श्री प्रबाल बेरा | सह प्राध्यापक (शारीरिक शिक्षा) |
| 12 | श्री रामजी यादव | सह प्राध्यापक (भूगोल) |
| क्र. | नाम | पद |
|---|---|---|
| 01 | श्रीमती प्रतिमा कुमारी | पुस्तकालयाध्यक्षा |
| 02 | श्री सतीश चन्द्र मिश्र | कार्यालय प्रमुख |
| 03 | श्री इन्द्रभूषण झा | कार्यालय सहायक |
| 04 | श्री दीपक कुमार | कार्यालय सहायक |
| 05 | श्री कमलेश कुमार सिंह | आदेशपाल |
| 06 | श्री रामलगन कुमार | आदेशपाल |
| 07 | श्री सोनू कुमार | आदेशपाल |
| 08 | श्री विनोद कुमार मल्लिक | सफाईकर्मी |
| 09 | श्री मंटू पासवान | वाहन-चालक |
| 10 | श्री दीपक कुमार (मोनू) | माली |